About Us

Home / About Us

भागवत  वक्ता उमेश भाई जानी का जन्म ९ अगस्त को भिलाई में हुआ | इनके पिता श्री स्व. कृष्णकांत महाराज, जिन्होंने पूरे भारत वर्ष में संस्कृति एवं संस्कार प्रसार हेतु लगभग ६०० भगवत कथाये की | बचपन से ही घर का वताबरण धार्मिक एवं प्रभु सेवा का रहा, जिससे उनमे सेवा के संस्कार कूट कूट कर भरे है | इन्होने डिप्लोमा इन मेकेनिकल इंजीनियरिंग प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की और २ साल तक सिम्पलेक्स इंजीनियरिंग में कार्यरत रहे | प्रभु सेवा से प्रेरित होकर उन्होंने अपना जीवन प्रभु सेवा में समर्पित करने का निश्चय किया |

 

पिछले १५ बर्षो से श्री कृष्ण कन्हैया लाल की कृपा से श्रीमद भगवत कथा व शिव पुराण  के माध्यम से समाज में फैली कुप्रथा, दहेज़ प्रथा, कन्याभ्रूण  हत्या, नशाखोरी में अंकुश लगाने का प्रयास कर रहे है |

श्रीमद भागवत हेतु श्रीरामपुर (शिर्डी), हरिद्वार, टाटानगर, बिलासपुर, रायपुर, धमतरी, दल्लीराजहरा, कटक, मिरगपुर, दुर्ग, राजनांदगांव में भक्तिरस की प्रस्तुति कर चुके है | भागवत कथा से मिलने वाली राशी से कुछ भाग जरूरतमंद छात्रों के छात्रवृति प्रदान करते है | उमेश भाई की कथा की विशिष्ठ शैली से हर वर्ग के लोगो की उपस्थिति रहती है | युवावार्गो को धर्म से प्रेरित कार्य करने विशेष दृष्टान्त प्रस्तुत करते है | साथ ही माता-पिता के प्रति सेवा का भाव जगाने एवं  संतानों में बुजुर्गो के प्रति आदर भाव हेतु “माँ-बाप को भूलो नहीं’ की प्रस्तुति करते है | कन्याभ्रुण हत्या रोकने एवं समाज में कन्याओ का संतुलन बनाने हेतु ‘बेटियाँ घर की तुलसी’ की भी प्रस्तुति देते रहते है | इस कार्य में इनके छोटे भाई प्रकाश भाई एवं  पूरा परिवार लगा है | इनके आदर्श पूज्य संत मोरारी बापू एवं भाई श्री रमेश भाई ओझा है |